PM Surya Ghar Scheme मोदी सरकार का सबसे बड़ा तोहफा! अब हर महीने 150 यूनिट बिजली बिल्कुल मुफ्त, बिजली का बिल बोझ हो जाएगा कम
पीएम सूर्य घर योजना: केंद्र सरकार की नई योजना आम लोगों के लिए किसी भी तरह से कम नहीं है। इस योजना के तहत लोगों को सोलर रूफटॉप प्लांट लगाने पर बंपर अनुदान मिलेगा और हर महीने 150 यूनिट तक बिजली भी मुफ्त मिलेगी। गोंडा जिले में ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ की शुरुआत हो गई है। इसके तहत जिले के 20 हजार घरों में सोलर रूफटॉप प्लांट लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना का मकसद लोगों को विशेष बिजली देना है, ताकि बिजली बिल का बोझ कम हो सके।

बिजली की बचत में भारी वृद्धिवा
यह योजना गोंडा जिले में बिजली बचत को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने के लिए शुरू की गई है। जिलों के 20 हजार घरों की छतों पर नैनो प्लांट की तैयारी चल रही है। अधिकारी नियुक्त करते हैं कि प्लांट लीज के बाद प्रत्येक परिवार को हर महीने लगभग 150 यूनिट मुफ्त बिजली मिलें। यह घरेलू सुविधा मशीनरी के लिए बड़ी राहत साबित होगी, विशेष रूप से परिवारों के लिए घरेलू बिजली बिल के बारे में काफी कुछ बताया गया है। इतना ही नहीं, अगर सोलर प्लांट को बड़ी बिजली कंपनियों की जरूरत है, तो अतिरिक्त बिजली कर्मचारियों में दाखिला लिया जा सकता है।
सरकारी विभाग
सरकार इस योजना पर बड़े पैमाने पर छूट दे रही है। 1 किलोवाट के प्लांट की कीमत 45 हजार रुपये, 2 किलोवाट के प्लांट की कीमत 90 हजार रुपये और 3 से 10 किलोवाट के प्लांट की कीमत 1,08,000 रुपये तक दी जाएगी। इसके बदले विदेशी को भी अपनी ओर से कुछ नकद जमा करना होगा। 1 किलोवाट सिस्टम के लिए 65 हजार रुपये, 2 किलोवाट के लिए 1,30,000 रुपये और 3 से 10 किलोवाट क्षमता के लिए प्रति किलोवाट 60,000 हजार रुपये लगेंगे।
एकल आत्मनिर्भरता
इस योजना से न केवल बिजली बचत समूहों, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता भी शामिल है। सौर ऊर्जा संयोजन से पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम होगी और लंबे समय में परिवार को आर्थिक रूप से बड़ा लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि आने वाले समय में यह पहले लोगों को अपने घर में साफ ऊर्जा का उपयोग करने के लिए प्रेरित करेगी।
इस तरह से कर सकते हैं आवेदन
योजना आवेदन प्रक्रिया बेहद आसान है। लाभार्थी सरकारी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान आधार कार्ड, घर का पता, बिजली कनेक्शन नंबर और बैंक विवरण जैसी जानकारी शामिल है। आवेदन की जांच के बाद विभाग की टीम का निरीक्षण और फिर से आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी।